तुझसे वो पहली सी मुलाकात

तुझसे वो पहली सी मुलाकात
कुछ तो असर छोड़ गई मुझपे
तेरी वो सादगी
वो मोहब्बत सा जादू कर गई मूझपे
कुछ तो बात थी तेरे मेरे मिलने में
दिल तुझे रोज़ याद करने लगा है
दिल रोज़ तुझसे बात करने की फरियाद मुझसे करने लगा है
कुछ तो बात थी तेरी उस फिक्र करने में
जाने क्या सोच लिया मन ने
जाने क्यों तू मन में आने लगा है
समझाया फिर हमने खुदको कि आदत ही उनकी कुछ ऐसी है
रूह में सादगी है उनकी
और दिल कुछ आदत से मजबूर है
इसलिए फिक्र जरा हमारी भी करली उसने
पूछा उन्होंने जब हमसे
क्या मांगा उस टूटते तारे को देख कर
क्या बताते अब हम उनको
पूरी हो जाए दुआ तो तेरा मेरा साथ होगा उम्र भर
ना हुई तो तेरे साथ जिंदगी के महज़ कुछ पल
फिर खुद को हसते हुए बोला कि कहा तू फिर मोहब्बत धुंड रहा है
तेरे हिस्से की कर ली तूने
अब बस उनके हिस्से की बाकी हैं
दुआ मांगी फिर हमने
जिंदगी में तेरी खुशियां ही खुशियां हो
चल हम तेरी जिंदगी के मुसाफिर ही सही
बस कुछ पल तो तेरी जिंदगी में नाम हमारे भी हो
पर पलट कर देखे कभी तू
तो कोई तो बात हमारी भी ऐसी हो
कि अब तू मिलने की फरियाद करे
और दुआ कुबूल हमारी हो

-सलोनी

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